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प्रेग्नेंसी में क्या एक्सरसाइज करना सही है? जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट

क्या प्रेग्नेंसी के दौरान एक्सरसाइज करना सुरक्षित है?

विशेषज्ञों के अनुसार यदि आप स्वस्थ हैं और आपकी प्रेग्नेंसी में भी कोई दिक्कत नहीं है, तो आप एक डेली ऐक्टिविटी के तौर पर एक्सरसाइज करना शुरू कर सकती हैं। इससे न केवल आपका डिलीवरी के समय वजन नियंत्रित रह सकेगा, बल्कि नियमित तौर पर एक्सरसाइज करने से समय से पूर्व प्रसव तथा गर्भपात का जोखिम भी कम किया जा सकता है। हालांकि, कोई भी एक्सरसाइज शुरू करने से पहले अपने प्रसूति रोग विशेषज्ञ या हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह अवश्य ले लें। अगर वे आपको इसकी अनुमति देते हैं, तब आप उनसे पूछ सकते हैं कि आपके लिए कौन सी एक्सरसाइज करना सुरक्षित है। वहीं हृदय रोग, अस्थमा और मधुमेह से ग्रस्त प्रेग्नेंट महिला को व्यायाम न करने की सलाह दी जाती है।

गर्भावस्था में नियमित व्यायाम से माँ और भ्रूण को होने वाले फायदे:

  • कब्ज की समस्या में आराम
  • कमर दर्द से राहत
  • प्रेग्नेंसी में अधिक वजन को बढ़ने से रोकता है
  • गर्भवती के हृदय और रक्त प्रवाह को बेहतर बनाता है
  • प्रसव के बाद भी वजन घटाने में सहायक
  • प्रेग्नेन्ट महिला में मधुमेह और सिजेरियन डिलीवरी के खतरे को कम करता है
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अब आइए जानते हैं प्रेग्नेंसी में कौन-कौन सी एक्सरसाइज़ कर सकते हैं- प्रसूति रोग विशेषज्ञों की मानें तो रोजाना केवल 30 मिनट की एक्सरसाइज़ करना प्रेग्नेंट महिला और भ्रूण दोनों को स्वस्थ बनाए रख सकता है...

1. वॉकिंग या ब्रिस्क वॉकिंग
वॉक करना प्रेग्नेंसी में सबसे सुरक्षित ऐक्टिविटी मानी जाती है। प्रेग्नेंट महिला अपनी प्रसव की तारीख तक भी नियमित रूप से वॉक कर सकती हैं। वहीं ये एक ऐसी ऐक्टिविटी है जिसके लिए आपको कोई इक्विप्मेंट की भी आवश्यकता नहीं है। लेकिन ध्यान रखें कि वॉक करते समय आपको हमेशा आरामदायक वॉकिंग शूज ही पहनना चाहिए। साथ ही अपने हेल्थ एक्सपर्ट से पूछकर आप ब्रिस्क वॉकिंग भी कर सकती हैं।

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2. स्क्वाट
प्रेग्नेंसी में स्क्वाट करने से आपके शरीर के निचले भाग को मजबूती मिलती है। साथ ही इससे प्रसव के दौरान होने वाले दर्द को कम करने में भी मदद मिलती है। ऐसे में प्रेग्नेंसी के दौरान हफ्ते में 3 दिन लगभग 10-15 बार महिलाएँ स्क्वाट एक्सरसाइज कर सकती हैं।

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3. स्वीमिंग
प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के लिए स्वीमिंग और वॉटर ऐरोबिक्स करना काफी फायदेमंद माना जाता है। साथ ही आप पानी में काफी हल्का भी महसूस करने लगती हैं क्योंकि पानी में आपके शरीर का वजन, जमीन पर आपके वजन से कम होता है। वहीं स्वीमिंग ऐक्टिविटी करने से प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली समस्याएं जैसे चक्कर, जी मिचलाना और पैरों की सूजन को कम करने में भी मदद मिलती है। हालांकि, पानी में फिसलने का डर होता है, तो सावधानी जरूर बरतें।

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