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सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज से खुद को कैसे रख सकते हैं सुरक्षित

नई दिल्ली। एसटीडी एक इंसान से दूसरे इंसान में तभी फैलती हैं, जब संक्रमित व्यक्ति के शरीर का द्रव्य दूसरे व्यक्ति के संपर्क में आता है। खून, सीरम , थूक आदि के जरिए यह संक्रमण होने की आशंका होती है। अगर आपको चोट लगी हुई है तो आपके संक्रमित होने की आशंका और भी ज्यादा बढ़ जाती है। अगर आपको इस बात की जानकारी हो कि किसी व्यक्ति को एसटीडी है, तो आप उसके खुले थूक और घावों से खुद को पूरी तरह से दूर रखें।

सुरक्षा का रखें ध्यान

जब भी फिजिकल इंटिमेसी हो, तो सुरक्षित रहने के लिए कंडोम का इस्तेमाल करना जरूरी है। इस बात का ध्यान रखें कि कंडोम डैमेज्ड ना हो। इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि पार्टनर को एसटीडी है या नहीं, कई तरह की बीमारियों से बचाव के लिए यह तरीका सुरक्षित रहता है। टीनेज में फिजिकल इंटिमेसी के लिहाज से बहुत ज्यादा समझ नहीं होती, इसीलिए इस उम्र में कंडोम का इस्तेमाल करने में समझदारी है।

इस तरह भी हो सकता है एसटीडी

किसी से भी इंजेक्शन या नुकीले इंस्ट्रूमेंट ना लें, जो किसी और व्यक्ति के शरीर के संपर्क में आए हों। अस्पतालों में हमेशा डिस्पोजेबल सिरिंज का विकल्प चुनें। जब भी इलाज के दौरान किसी इंस्ट्रूमेंट का इस्तेमाल किया जा रहा हो, तो इस बात का ध्यान रखें कि वह स्टर्लाइज्ड हो।

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