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Signs you are Really Healthy: बाहरी रूप से दिखने वाले फिट क्या अंदर से भी हैं उतने स्वस्थ

नई दिल्ली। Signs you are Really Healthy: अक्सर लोगों की सोच यही होती है कि अगर कोई व्यक्ति बाहरी रूप से दुबला-पतला, अच्छी बॉडी अथवा सिक्स पैक एब वाला है तो उसे स्वस्थ व्यक्ति की श्रेणी में रखा जाएगा। तमाम लोग आज बाहरी बनावट की सुंदरता के पीछे शरीर को पतला और सुंदर दिखाने के लिए घंटों जिम में पसीना बहाते हैं। इसी विचारधारा के चलते हम यह भूल जाते हैं कि सबसे ज्यादा जो बात मायने रखती है वह है कि हम आंतरिक रूप से कितने स्वस्थ और शक्तिशाली हैं। कुछ लोग आनुवांशिक रूप से भी पतले हो सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह स्वस्थ होने के मानदंड पर भी खरे उतरेंगे। तो आइए जानते हैं कि वह कौन से मानदंड है जिनके अनुसार आप अपनी सेहत को माप सकते हैं-

1. स्टेमिना या आंतरिक बल

किसी भी अधिक श्रम वाले काम को बिना थके अधिक समय तक करने की शारीरिक क्षमता को स्टेमिना कहा जाता है। अगर आपका स्टेमिना स्तर अच्छा होगा तो आप किसी भी गतिविधि को बिना थके कर पाएंगे और उसके बाद भी ऊर्जावान रहेंगे। सहनशीलता को बढ़ाने के लिए आप अपनी कसरत के समय को माप सकते हैं और धीरे-धीरे दोहराव की संख्या बढ़ाते जाएं।

2. लचीलापन

लचीलेपन को शारीरिक रूप से स्वस्थ होने के मानदंड में से एक माना जाता है। लचीलापन हमें दिन-प्रतिदिन की शारीरिक गतिविधियों को अच्छी तरह बिना चोट लगे आसानी से करने में सहायक होता है। नियमित रूप से व्यायाम और योग करके आप लचीलालेपन में बढ़ोतरी कर सकते हैं। इन अभ्यास में मांसपेशियों और जोड़ों की गति और खिंचाव को बेहतर बनाया जाता है।

3. संतुलन

अगर आप किसी भी व्यायाम या कसरत अभ्यास को बिना गिरे तथा गुरुत्वाकर्षण केंद्र को बनाए रखते हुए संतुलित रूप से कर पाते हैं तो इससे आपकी अच्छी शारीरिक क्षमता का पता चलता है। इसके लिए हम शरीर के निचले हिस्से और अन्तर्भाग को मजबूत बनाने वाले व्यायाम कर सकते हैं।

4. शक्ति

दैनिक जीवन की गतिविधियां जैसे भारी वस्तुओं को इधर-उधर रखने के दौरान मजबूत हड्डियों तथा मांसपेशियों की ताकत आपको शारीरिक चोट लगने से बचाती है। हम शक्ति के विकास के लिए शारीरिक-भार व्यायाम, साइकिल चलाना, किसी ऊंची जगह पर चढ़ना आदि कर सकते हैं।

5. आसन

लंबे समय तक एक आसन या मुद्रा में अपने शरीर को बनाए रखना एक अच्छे व्यक्तित्व निर्माण और हड्डियों एवं जोड़ों की सर्वोत्तम सीध में मदद करता है। इसके अलावा पूरे दिन चलने, बैठने अथवा कोई भी काम करने के दौरान अपनी शारीरिक मुद्रा पर ध्यान देने की आवश्यकता है। एक अच्छा बॉडी पोस्चर हमारे आत्मविश्वास में भी वृद्धि करता है। झुक कर चलना या बैठना, पैरों को मोड़ना आदि से हमारी शारीरिक बनावट पर गलत असर पड़ता है।



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