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बुजुर्गों को रात में क्यों नहीं लेनी चाहिए नींद की गोलियां?

बुढ़ापे में अनिद्रा (कम नींद ) आम परेशानी है। नींद के लिए कई बार बुजुर्ग खुद से या उनके परिजन नींद की दवा दे देते हैं। ऐसा करना हानिकारक हो सकता है। बुजुर्ग रात में एक-दो बार टॉयलेट के लिए जाते हैं। दवा के असर से कई बार गिर जाते हैं। इस उम्र में हड्डियां कमजोर होती हैं, हल्की चोट से टूटजाती हैं। कई शोधों में पाया गया है कि नींद की गोलियां लेने से बुजुर्गों में याद्दाश्त क्षमता भी कम होती है। डिमेंशिया का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए डॉक्टर सलाह देते हैं कि बुजुर्गों को बिना डॉक्टरी सलाह के नींद की दवा नहीं देनी चाहिए।
खाना गले में फंस सकता
नींद की गोली लेने के बाद अगर कोई व्यक्ति खाना खाता है तो खाना गले में फंसने की आशंका अधिक रहती है। इससे सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। उसे भर्ती करना पड़ सकता है। कई बार यह जानलेवा भी हो सकता है।
डॉ.सुनील सुथार, जेरियाट्रिक एक्सपर्ट



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