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सर्दियों में उच्च रक्तचाप की परेशानी 23.2 फीसदी तक बढ़ जाती है

अगर आप सोचते हैं कि सर्दियों में केवल जोड़ों के दर्द, सूखी और पपड़ीदार त्वचा या फ्लू की समस्या ही अधिक होती है तो एक बार फिर से सोचेंं। डॉक्टरों का कहना है कि सर्दियों में तापमान में हुई एक डिग्री की बढ़त भी रक्तचाप की उच्च आवृत्ति से जुड़ी हुई है। सर्दियों में उच्च रक्तचाप की परेशानी 23.2 फीसदी तक बढ़ जाती है जो गर्मियों में 10.12 फीसदी तक ही रहती है। सर्दियों में शारीरिक गतिविधियों में कमी और व्यायाम न करने से हमारा दिल भी कम काम करता है जिसका असर उसकी सेहत पर भी पड़ता है। लगातार इसकी अनदेखी करने से हृदय संबंधी परेशानियां खासकर उच्च रक्तचाप की समस्या बढ़ जाती है। हृदय संबंधी परेशानियों के आनुवांशिक कारणों के अलावा भी आलस सर्दियों में दिल के लिए एक बड़ी परेशानी है। जिसके चलते हम शारीरिक गतिविधियों जैसे व्यायाम, वॉकिंग, मेडिटेशन, योग और जिमिंग को टालते रहते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि शरीर में ट्राइग्लिसराइड का स्तर, कोलेस्ट्रॉल का स्तर, बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) और मोटापा बढ जाता है और अंतत: दिल से जुड़ी बीमारियां पनपने लगती हैं।

सर्दियों में उच्च रक्तचाप की परेशानी 23.2 फीसदी तक बढ़ जाती है

विटामिन डी की कमी भी है कारण

सर्दियों के दौरान धूप में ज्यादा देर न बैठने से पराबैंगनी किरणों का हम पर दोहरा प्रभाव पड़ता है। अल्ट्रा वॉयलेट किरणे शरीर के विटामिन ग्रहण करने की प्रक्रिया में बाधक बनती हैं। स्रोटा वैलनेस के फिजिकल हैल्थ एक्सपर्ट प्रवेश गौड़ का कहना है कि यूवी किरणें शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड बनने की प्रक्रिया में बाधक बनती हैं जो त्वचा में रक्त वाहिकाओं को पतला करने में मदद करती हैं। सर्दियों के मौसम में उच्च रक्तचाप का एक बड़ा कारण तापमान में गिरावट, शारीरिक गतिविधियों में कमी, कम पसीना आना और इसके कारण शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ने से शरीर में नमक का स्तर बढ़ जाता है जो रक्त चाप के बढ़ने की वजह बनते हैं।

सर्दियों में उच्च रक्तचाप की परेशानी 23.2 फीसदी तक बढ़ जाती है

शराब कैफीन से भी बचें

इसके अतिरिक्त, नॉरएड्रेनालाईन जैसे हार्मोन जो रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करते हैं, वे मौसमी बदलाव से प्रभावित होते हें और सर्दियों में रक्तचाप बढऩे में उनकी भी भूमिका होती है। सर्दियों के दौरान डाइट पर नियंत्रण करने से उच्च रक्तचाप संबंधी परेशानियों को कम करने में मदद मिल सकती है। शराब और कैफीन पीने से बचें क्योंकि वे शरीर की आंतरिक ऊर्जा यानी तापमान की तेज गिरावट का कारण बन सकते हैं। शरीर के तापमान में कमी के कारण हाइपोथर्मिया भी हो सकता है।

ऐसे करें अपना बचाव
तेजी से गिरते तापमान और सर्दियों के मौसम में शरीर को गर्म बनाए रखने के लिए अपने शरीर को ज्यादा भारी या मोटे कपड़ों की बजाय पतले कपड़ों परतों की तरह शरीर पर पहनें इससे गर्मी अधिक देर तक बनी रहेगी। वहीं, स्रोटा वैलनेस के चिकित्सा विभाग प्रमुख डॉ. गजराज कौशिक की सलाह है कि सर्दियों में उच्च रक्तचाप की समस्या से बचाव के लिए आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों से युक्त संतुलित आहार लें। यह भी रक्तचाप को कम कर सकता है। उच्च रक्तचाप से पीडि़त लोगों के लिए अनुशंसित उच्च रक्तचाप (Dietary Approaches to Stop Hypertension or DASH) का पालन करें। आहार में सब्जियों, फलों, कम वसा वाले डेयरी उत्पादों और मध्यम मात्रा में लीन-मीट, मछली, और साबुत अनाज खाना चाहिए।

महत्वपूर्ण तथ्यों पर एक नज़र
-सर्दियों में उच्च रक्तचाप की परेशानी 23.2 फीसदी तक बढ़ जाती है जो गर्मियों में 10.12 फीसदी तक ही रहती है
-डॉक्टर्स का मानना है कि ऐसा सर्दियों में शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण होता है जिसके कारण स्वास्थ्य संबंधी दूसरे मापदंड जैसे ट्राइग्लिसराइड का स्तर, कोलेस्ट्रॉल का स्तर, बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) और मोटापा बढऩे की समस्या हो जाती है
-एक बड़ा कारण सर्दियों के कारण तापमान में गिरावट, शारीरिक गतिविधियों में कमी, कम पसीना आना और इसके कारण शरीर में सोडियम की मात्रा बढऩे जिससे शरीर में नमक का स्तर बढ़ जाता है जैसे कुछ कारक हैं जो रक्त चाप के बढऩे की वजह हैं।
-नेशनल फैमिली हैल्थ सर्वे की मानें तो इससे सबसे ज्यादा प्रभावित बड़े शहरों के 15 से 49 साल की उम्र के पुरुषों का 1/5वां हिस्सा और 6.1 फीसदी महिलाएं व्यापक स्तर पर प्रभावित हैं।



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