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Winter Care: सर्दी के मौसम में एलर्जी से बचाते ये आसन-प्राणायाम

आंकड़ों की बात करें तो देश में हर चौथा व्यक्ति किसी न किसी एलर्जी से ग्रसित है। जब भी मौसम बदलता है तो इन मरीजों की समस्या बढ़ जाती है। सर्दी में यह दिक्कत थोड़ी बढ़ जाती है। इसमें कई योग-प्राणायाम काफी लाभकारी हैं।
एलर्जी के लक्षण
छीकें आना, नाक बहना, आंखों से पानी आना या खुजली होना, नाक बंद होना, गले या कान के छिद्रों में खुजली, कान बंद होना (कान में द्रव भरना), बलगम आना, होंठ, जीभ, आंखों या चेहरे पर सूजन पेट में दर्द, मतली या उल्टी, दस्त, लाल या रुखी त्वचा होना आदि।
सूर्य नमस्कार
इस आसन को रोज 10-25 बार तक कर सकते हंै। इससे फेफड़ों में अधिक ऑक्सीजन पहुंचती है। नई कोशिकाएं बनती हैं। इम्युनिटी बढ़ती है। शरीर को ऊर्जा भरपूर मिलती है। तनाव-अवसाद कम होता है। श्वास नलियां खुलती हैं जिससे एलर्जी में भी बचाव होता है।
अद्र्धचक्रासन
कंधे, गर्दन और बांहों को मजबूत करता है। स्पाइनल कॉड और जोड़ों की समस्याओं में राहत देता है। सांस के रोगों में इसको करने से आराम मिलता है। इससे फेफड़े खुलते हैं। एलर्जी में भी लाभ पहुंचाता है लेकिन जिनको कमर से संबंधी कोई परेशानी है, क्षमता अनुसार करें।
उष्ट्रासन
फेफड़े मजबूत करता है जिससे इम्युनिटी बढ़ती है। एलर्जी से बचाव होता है। शरीर, घुटने और पीठ दर्द में कारगर, साइटिका में आराम और लंबाई बढ़ाने के लिए कारगर आसन है। इसको 5-7 बार रोज करें। कमर और स्पाइन में परेशानी है तो इस आसन को न करें।
ताड़ासन
यह आसन हर कोई कर सकता है। इसको करने से शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है। पाचन शक्ति को ठीक रखने के साथ ही एलर्जी, अस्थमा से छुटकारा दिलाने के लिए इस आसन को करना चाहिए। जिन्हें तनाव, अवसाद या दिमाग से संबंधी रोग है उन्हें भी यह आसन करना चाहिए। कोई भी आसन विशेषज्ञ से सीखने के बाद ही करें।
ये प्राणायाम भी हैं कारगर
एलर्जी से बचने के लिए सभी प्राणायाम जैसे भस्त्रिका, अनुलोम-विलोम, कपालभाति और उज्जयी प्राणायाम कारगर हैं। इनसे ऑक्सीजन का प्रवाह सही होता और फेफड़ों को मजबूती मिलती है। एलर्जी से बचाव होता है।



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