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Winter Care: सर्दी में नमी से प्रदूषण के कण सतह से 5-6 फीट तक नीचे आ जाते, ब्रॉन्काइटिस का खतरा रहता

सर्दी में नमी के कारण हवा में मौजूद प्रदूषण के कण भारी होकर जमीन की सतह से 5-6 फीट पर आ जाते हैं। जब व्यक्ति चलता या टहलता है तो ये कण सीधे सांस से फेफड़े में पहुंचकर ब्रॉन्काइटिस आदि बीमारी करते हैं। गले में सूजन इस बीमारी के मुख्य लक्षण हैं।
सीने में दर्द की समस्या
इसमें खांसी के साथ पीला-हरा बलगम व हल्का बुखार आ सकता है। मरीज सीने में दर्द की शिकायत भी करता है। अगर दो-तीन दिनों में घरेलू उपाय से आराम नहीं मिले तो इसकी जांच कराकर इलाज लें। संक्रमण बढऩे पर निमोनिया हो सकता है।
घर पहुंचकर गरारे करें
मास्क नियमित लगाएं। यह प्रदूषण से
भी बचाता है। सुबह-शाम गुनगुने नमक के पानी से गरारे करें। शाम को बाहर से घर पहुंचते ही गरारे करें। यह दूषित तत्त्वों और बलगम को बाहर निकल देता है। शुद्ध सरसों तेल की २-२ बूंद सुबह-शाम नाक में लगाएं।
होम्योपैथी भी कारगर
एकोनाइट, बेलोडोना, ब्रायोनिया, कालीबाइक्रोम, फॉस्फोरस आदि होम्योपैथिक दवाइयां डॉक्टर की सलाह से ले सकते हैं। यह न केवल प्रदूषण के असर को कम करती हैं बल्कि फेफड़ों के संक्रमण में भी आराम देती हैं।



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