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Corona Update: स्टेरॉइड वाले मरीज ठीक होने के बाद ज्यादा आराम करें

क्यों रहता अधिक रिस्क
स्टेरॉइड दवा से ठीक हुए कोविड के मरीजों में रिकवरी के बाद भी कई तरह की समस्याएं हो रही हैं। कोरोना से कोशिकाओं को नुकसान होता है जबकि स्टेरॉइड से इम्युनिटी घट जाती है। इसके कुछ मरीजों में रिकवरी के बाद भी निमोनिया, ब्लड क्लॉटिंग, अचानक से शुगर लेवल बढऩा, वायरल या यूरिन इंफेक्शन की समस्या देखी जा रही है। ऐसे मरीजों को सलाह दी जाती है कि जिनको कम दिनों तक स्टेरॉइड दी गई है उन्हें दो सप्ताह और जिन्हें लंबे समय तक स्टेरॉइड दी गई थी वे कम से कम चार सप्ताह तक आराम के बाद ही अपना काम शुरू करें।
फ्लू के टीके लगवाएं
ऐसे मरीजों को फ्लू और निमोनिया आदि के टीके लगवाने चाहिए। इससे बचाव होता है। मरीज हैल्दी डाइट में प्रोटीन और मौसमी-फल सब्जियां ज्यादा लें। हो सके तो लिक्विड डाइट भी ज्यादा लें। सूप पिएं। डॉक्टर की सलाह से मल्टीविटामिन्स भी लेते रहें। शुरू में ज्यादा न टहलें। हल्का-फुल्का व्यायाम जरूर करते रहें।
छोटे बच्चों
में दिख रहे नए लक्षण
छो टे बच्चों में कोरोना के चार सप्ताह बाद हल्का बुखार और लाल रंग के रेशेज पड़ रहे हैं। लेकिन जांच में बुखार के कारण का पता नहीं चल रहा है। इसमें अच्छी बात यह है कि बच्चे को दवा से आराम मिल जाता है।
दो माह बाद तक डॉक्टर की सलाह से जांचें कराएं
गंभीर मरीज जो कोरोना से ठीक हो चुके हैं उन्हें दो माह तक अपने डॉक्टर के संपर्क में रहना चाहिए। डॉक्टर कुछ जांचें ठीक होने के बाद भी करवाते हैं। इसमें कुछ जांचें एक माह के बाद होती हैं जबकि चेस्ट का एक्सरे और सीटी स्कैन दो माह बाद भी कराना जरूरी होता है। जिन मरीजों को इलाज में स्टेरॉइड दी गई है वे आवश्यक रूप से इन जांचों को डॉक्टर की सलाह से करवाएं। इसके साथ ही बाहर का खाना कुछ माह तक खाने से बचें। बाजार के फूड में न केवल मिर्च-मसाला अधिक होता है बल्कि उनसे संक्रमण हो सकता है।



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