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कोरोना वैक्सीन की दो खुराकों के बीच रहेगा 21 दिन का अंतराल !

नई दिल्ली । भारत बड़े पैमाने पर कोविड वैक्सीनेशन कार्यक्रम के लिए तैयार है, वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने रविवार को कहा कि पहले और दूसरे बूस्टर खुराक के बीच आदर्श अंतर 21 दिन का माना गया है। इसके साथ ही जिन लोगों को वैक्सीन लगाया जाता है, उन्हें स्वास्थ्य संबंधी स्वच्छता बनाए रखना आवश्यक है, क्योंकि उन्हें निश्चित समय अवधि पर वैक्सीन दी जानी होती है।

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21 और 28 दिन का होगा अंतराल -
फाइजर वैक्सीन की बात करें तो, दो खुराकों के बीच 21 दिनों के अंतराल का सुझाव दिया गया है और एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के लिए दो खुराकों के बीच 28 दिनों का अंतराल सुझाया गया है। इसके अलावा, संक्रमण से बचने के लिए इस दौरान उचित देखभाल, उचित आराम और सावधानियों का सुझाव दिया जाता है।" हालांकि घर पर रहने जैसे विशेष रूप से एहतियाती उपाय के बारे में नहीं कहा गया है, लेकिन पूरी देखभाल की सिफारिश की गई है। वैक्सीन के लिए दो खुराकों के बीच 21 दिन के अंतराल की आवश्यकता होती है और आमतौर पर दूसरी खुराक के सात दिन बाद सुरक्षात्मक प्रभावकारिता होती है। इसलिए वैक्सीन की पहली खुराक के बाद रोगियों के लिए एहतियात बरतना जरूरी है।"

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सबसे पहले 30 करोड़ लोगों को लगेगी वैक्सीन -
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने कहा कि प्राथमिकता वाले आबादी समूहों में 30 करोड़ लोगों को सूचीबद्ध किया गया है, जिसमें एक करोड़ स्वास्थ्य कार्यकर्ता, पुलिस विभाग के दो करोड़ कर्मचारी, सशस्त्र बल, होम गार्ड, नागरिक सुरक्षा संगठन और 27 करोड़ ऐसे लोग हैं जिनकी उम्र 50 से अधिक और जिनकी उम्र 50 से कम है, लेकिन अन्य बीमारी है। उम्मीद है कि सरकार भारत के ड्रग रेगुलेटर के सक्रिय विचाराधीन करीब तीन उम्मीदवारों के साथ अगले कुछ हफ्तों में अपना पहला वैक्सीन करेगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा था कि करीब 1.54 लाख वैक्सीनेटर या सहायक नर्स दाइयों का प्रबंध वैक्सीनेशन की प्रक्रिया शुरू होने पर यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम के तहत लोगों को कोविड -19 वैक्सीन लगाने के लिए किया जाएगा।

इन वैक्सीन पर चल रहा काम -
ऐसे आठ वैक्सीन कैंडिडेट्स हैं, जो निकट भविष्य में ऑथराइजेशन के लिए तैयार हो सकते हैं। इनमें एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय विकसित और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया निर्मित कोविशिल्ड, भारत बायोटेक लिमिटेड की कोवैक्सिन, जाइडस कैडिला द्वारा जाइकोव-डी, रूसी वैक्सीन उम्मीदवार स्पुतनिक-5, एसआईआई की एनवीएक्स-कोव2373, जिनेवा की एचजीसीओ19, और दो बिना लेबल वाले वैक्सीन, जिनमें बायोलॉजिकल ई लिमिटेड की रिकॉम्बिनेंट प्रोटीन एंटीजन आधारित वैक्सीन और भारत बायोटेक की इनएक्टिव रेबीज वेक्टर है। पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और हैदराबाद स्थित फार्मास्युटिकल फर्म भारत बायोटेक ने पहले ही ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) को आवेदन दिया है। वे संभावित कोविड-19 वैक्सीन के लिए आपातकालीन उपयोग ऑथराइजेशन की मांग कर रहे हैं।



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