Header Ads

नहीं होगी कोरोना वैक्सीन की जरूरत ! वैज्ञानिक ने जताई आशंका

नई दिल्ली । फार्मास्युटिकल कंपनी फाइजर ने कोविड -19 वैक्सीन बना ली है और इसका ट्रायल चल रहा है, लेकिन कंपनी के पूर्व उपाध्यक्ष और मुख्य वैज्ञानिक डॉ. माइकल येडोन का कहना है कि महामारी को समाप्त करने के लिए किसी भी वैक्सीन की जरूरत नहीं है। एक न्यूज पोर्टल की रिपोर्ट के अनुसार डॉ. येडोन का कहना है कि महामारी को खत्म करने के लिए वैक्सीन की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है ।

सभी को कोरोना वैक्सीन लगाने पर उठाए सवाल -
येडोन ने कहा कि आप ऐसे लोगों का वैक्सीनेशन नहीं कर सकते हैं, जिन्हें बीमारी का खतरा नहीं है। जिस वैक्सीन का मानव पर बड़े पैमाने पर परीक्षण नहीं किया गया है, ऐसे वैक्सीन को फिट और स्वस्थ लोगों को लगाने के लिए निश्चित नहीं हो सकते हैं। उनकी टिप्पणियां एडवाइजर ग्रुप फॉर एमरजेंसीज (एसएजीई) की व्यापक आलोचना के साथ खत्म हुई। एसएजीई यूके की एक सरकारी एजेंसी है, जो सरकार को आपातकाल परिस्थितियों में सलाह देती है।

येडोन ने कहा कि एसएजीई का कहना है कि सभी लोग अतिसंवेदनशील थे और सिर्फ सात संक्रमित हुए हैं। मुझे लगता है कि यह सचमुच अविश्वसनीय है। उन्होंने श्वसन वायरस के खिलाफ इम्यूनोलोजिकल मेमोरी के क्षेत्र में सभी मिसाल को नजरअंदाज कर दिया है।" येडोन ने आगे कहा, "उन्होंने या तो कई विश्व-अग्रणी क्लिनिकल इम्यूनोलॉजिस्टों से उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले काम को देखा नहीं या फिर उसकी अवहेलना की है, जो दिखाती है कि लगभग 30 प्रतिशत आबादी में पूर्व प्रतिरक्षा थी।" पिछले शुक्रवार को फाइजर ने घोषणा की थी कि वह अपने कोविड -19 वैक्सीन के लिए अमेरिकी नियामकों से आपातकालीन स्वीकृति की मांग कर रहा है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2KM7S9x

No comments

Powered by Blogger.