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Robotics joint replacement- रोबोटिक्स सर्जरी से संक्रमण का खतरा कम, जल्द रिकवरी होती

कोविड-19 के बाद से सर्जरी को लेकर काफी जटिलताएं आई हैं। सर्जरी की संख्या भी घटी है। हॉस्पिटल में संक्रमण की आशंका बढ़ी है। लेकिन रोबोटिक्स सर्जरी से जोड़ प्रत्यारोपण (जॉइंट रिपलेसमेंट ) कराने पर संक्रमण का खतरा कम रहता है। इसमें चीरे छोटे लगते, खून कम बहता है और मरीज को हॉस्पिटल में कम समय ही रहना पड़ता है। इससे संक्रमण का खतरा कम हो जाता है।
सर्जरी से पहले जांचें
रोबोटिक जोड़-प्रत्यारोपण सर्जरी काफी सुरक्षित है। मरीज की जोड़ प्रत्यारोपण सर्जरी से पहले अन्य जांचों के साथ कोविड-19 की दो जांचें करवाई जाती हैं। रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद ही मरीज को जोड़-प्रत्यारोपण सर्जरी के लिए भर्ती किया जाता है और जीरो प्रतिशत संक्रमण दर वाले ऑपरेशन थियेटर्स में सुरक्षा नियमों का पूरी तरह से पालन करते हुए सर्जरी की जाती है। रोबोटिक्स सर्जरी के बाद मरीज के अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग व संक्रमण बचाव सुरक्षा नियमों का पूरी तरह से पालन किया जाता है। यह सर्जरी पूरी तरह सुरक्षित है।
ज्यादा चलते जोड़
नए तरह के इंप्लांट को कम उम्र के लोगों में लगाने से लाभ है। वे अधिक दिनों तक चलते हैं। पहले के इंप्लांट 10-15 साल तक चलते थे अब नए इंप्लांट की उम्र 30 साल तक होती है।
३ चरणों में होती जोड़ों की रोबोटिक सर्जरी
सबसे पहले चरण में मरीज और बीमारी की जानकारी कम्प्यूटर में डालते हैं। दूसरे चरण में सर्जरी का कम्प्यूटर से आकलन किया जाता है ताकि सर्जरी सटीक हो सके। तीसरे यानी अंमित चरण में सर्जरी की जाती है। रोबोटिक सर्जरी में बीमारी की सही जानकारी होने से न केवल समय कम लगता है बल्कि सफल सर्जरी आसानी से होती है।
कब करवाएं जोड़ों की सर्जरी
जब दिनचर्या प्रभावित होने लगे। उठने-बैठने, चलने, सीढ़ी चढऩे और रात में भी दर्द होता हो। घुटनों में कॉर्टिलेज घिसने से घुटनों में टेढ़ापन आ गया है तो घुटनों सर्जरी करा लेनी चाहिए। अब सर्जरी के एक दिन बाद ही न केवल मरीज अपने पैरों चलने लगता है बल्कि हॉस्पिटल से भी एक दिन छुट्टी हो जाती है।
डॉ. अनूप झुरानी, हड्डी रोग विशेषज्ञ एवं रोबोटिक्स सर्जरी एक्सपर्ट, फोर्टिस हॉस्पिटल, जयपुर



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