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बुढ़ापे की प्रक्रिया को देरी करता है गिलोय

संक्रमण से बचाव के लिए अभी गिलोय का उपयोग लोग कर रहे हैं। लेकिन इसके कई दूसरे भी फायदे हैं। आयुर्वेद में इसेे अमृत्म कहते हैं। यह हाइपो ग्लाइसेमिक वाला पौधा है। यह डायबिटीज को निंयत्रित करती है। पाचन शक्ति बढ़ाकर कब्ज एवं पेट के अन्य रोगों से बचाती है।
मानसिक बीमारियां
तनाव, अवसाद और याददाश्त ठीक रखती है। इसके ठंडे काढ़े से आंखों को धोने से संक्रमण नहीं होता है। आर्थराइटिस, अस्थमा, मोटापे और बुढ़ापे के रोगों से बचाती है। इससे उम्र का असर शरीर पर नहीं दिखाता है। बुढ़ापा भी देरी से आता है।
ऐसे इस्तेमाल करें
इसके अंगुठे जितना तना लेकर एक गिलास पानी में उबाल लें। आधा होने पर छानकर पी लें। इसमें लौंग, अदरक, तुलसी एवं दालचीनी भी डाल सकते हैं। इसकी डंडियों को धूप में सुखाकर पाउडर बना सकते हैं। इसकी गोलियां भी बाजार में मिलती है। इसको भी डॉक्टरी सलाह से लिया जा सकता है।
डॉ. धनश्याम व्यास, पूर्व अति. निदेशक, आयुर्वेद विभाग, राज.



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