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जैसा आपका बिस्तर होगा वैसा आपका दिमाग रहेगा, जानें इस बारे में

दी पावर ऑफ हैबिट किताब के लेखक चाल्र्स डुहिग का कहना है कि रोज सुबह अपने बिस्तर को ठीक ढंग से साफ करने और तकिए, चादर आदि करीने से समेट कर रखने से व्यक्ति की प्रोडक्टिविटी में इजाफा होता है। बजट के मुताबिक चलने का कौशल बढ़ता है और खुशी का अहसास होता है।

की-स्टोन हैबिट: बिस्तर समेटना एक 'की-स्टोन हैबिट' है। ऐसी आदतें बचपन से ही विकसित कर लेनी चाहिए। इससे दूसरी अच्छी आदतें और संस्कार विकसित करने में काफी मदद मिलती है। घर का माहौल भी व्यवस्थित रहता है। आपको काम करते देख घर के दूसरे सदस्य भी काम करने के लिए प्रेरित होते हैं।
जैसा बिस्तर वैसा दिमाग-
'हैंड वाश कोल्ड' एवं 'मम्मा जोन' की लेखक केरन मिलर कहती हैं कि सुबह बिस्तर की जो स्थिति होती है, वही हमारे दिमाग की होती है। जब हम अपने बिस्तर को बेतरतीब और फैला हुआ छोड़ देते हैं, तो दिन की शुरुआत सुस्त हो जाती है। लेकिन सुबह बिस्तर करीने से समेटने और सजाने से सुस्ती दूर होकर काम करने की एनर्जी और प्रोडक्टिविटी बढ़ती है।



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