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न्यू रिसर्च : अगर आप भी करते हैं ये काम तो झुर्रियों के लिए हो जाएं तैयार

चेहरे पर असमय झुर्रियां (Rinkles) और मुरझाई त्वचा (Dizzi Skin) आल युवाओं (Youth Problem) की एक बड़ी परेशानी बन चुकी है। लेकिन इस परेशानी का कारण भी वे खुद ही हैं। दरअसल, युवाओं की अनहैल्दी जीवनशैली, (Unhealthy Lifestyle) खान-पान में जंक फूड (Junk Food) ज्यादा होना और देर रात तक ऑनलाइन सोशल मीडिया (Social Media) पर एक्टिव रहना इन परेशानियों की एक बड़ी वजह है। हाल ही हुए एक शोध में भी इस बरात की पुष्टि हुई है। इस ताजा शोध में वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि स्मार्टफोन, टैबलेट और कम्प्यूटर जैसी डिजिटल डिवाइस की स्क्रीन के लगातार संपर्क में आने से हमारी त्वचा पर झुर्रियां (Skin Aging) जल्दी आ सकती हैं। इतना ही नहीं लगातार स्क्रीन पर देखने और इसकी सफेद रोशनी से अनिद्रा, मूड स्विंग होना और आंखों की एलर्जी का कारण भी बन सकता है।

न्यू रिसर्च : अगर आप भी करते हैं ये काम तो झुर्रियों के लिए हो जाएं तैयार

विटामिन डी की कमी भी वजह
वैज्ञानिकों का कहना है कि इसका एक कारण है कि गैजेट्स और डिवाइस पर लगातार ऑनलाइन सक्रिय रहने और देर तक काम करने से हमारा बाहर निकलना कम हो गया है जिससे सूर्य के प्रकाश से हमारा एक्सपोजर (Sunlight Exposer) कम हो गया है। इससे हमारी त्वचा को पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी (Vitamin D) नहीं मिल पा रहा है। वहीं एक वजह यह भी है कि अब हम रात में अपेक्षाकृत उच्च स्तर के कृत्रिम प्रकाश के संपर्क में ज्यादा रहने लगे हैं जो हमारे गैजेट्स, स्मार्टफोन, लैपटॉप और टीवी से निकलता है। इस प्रकाश के संपर्कमें लगातार रहने से हमारी त्वचा पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। सारा दिन कंप्यूटर पर बैठना और रात में फोन पर सोशल मीडिया पर व्यस्त रहने के कारण हमारी पीढ़ी का स्क्रीन टाइम एक्सपोजऱ पिछली पीढिय़ों की तुलना में बहुत अधिक है।

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ब्लू लाइट से मिल रही झुर्रियां
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कम्प्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल की डिजिटल स्क्रीन से 'ब्लू लाइट' (Blue Light) उत्सर्जित होती है जिसकी सबसे छोटी तरंग (SHORT WAVELENGTH)) 450X490 नैनोमीटर (NM) होती है जो बेहद उच्च मात्रा में ऊर्जा का एक छोटा अमाउंट है। शोध में यह भी सामने आया कि हमारी त्वचा भी हमारी उम्र बढऩे के साथ बूढ़ी होती है जो एक प्राकृतिक क्रमिक प्रक्रिया है। लेकिन आधुनिक गैजेट्स और डिवाइस से निकलने वाली इस नीली रोशनी के लगातार संपर्क में आने से यह मुक्त कणों (FREE RADICALS) को उत्पन्न करती है जो त्वचा को समय से पहले झुर्रीदार बनाने का काम करते हैं। क्योंकि इससे उच्च ऊर्जा निकलती है इसलिए यह त्वचा के टिश्यू में गहराई से प्रवेश कर सकता है और त्वचा को और नुकसान पहुंचा सकता है। इतना ही नहीं यह रात में अच्छी नींद के लिए उत्तरदायी सर्कैडियन रिदम और ऊतकों की मरम्मत के लिए आवश्यक है।

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