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अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ऑग्मेंटेड रियलिटी से संवर रहा है रूप

सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) के चलते इन दिनों महिलाओं के लिए ब्यूटी सैलोन (Beauty Salon) में जाना पहले जैसी सामान्य दिनचर्या नहीं रह गई है। ऐसे में विशेषज्ञ अब डिजिटल प्लेटफॉर्म (Digital Platform) के जरिए खुद ही महिलाओं तक पहुंच रहे हैं। इस इनोवेशन में अत्याधुनिक डिजिटल तकनीक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) और ऑग्मेंटेड रियलिटी (Augmented Reality आभासी दुनिया) का भी भरपूर उपयोग किया जा रहा है। दिल्ली की एक निजी ब्यूटी और वेलनेस कंपनी ने हाल ही महिलाओं के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म (E-commerce) 'बॉड्डेस डॉट कॉम' शुरू किया है।

अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ऑग्मेंटेड रियलिटी से संवर रहा है रूप

ऐसे कर रहे उपयोग
कंपनी की सीईओ रीतिका शर्मा का कहना है कि उनकी टीम देश के नामी स्किन स्पेशलिस्ट के साथ मिलकर एक मशीन लर्निंग डेटाबेस तैयार किया है जिसकी मदद से वे अलग-अलग प्रकृति की त्वचा की जांच करते हैं। इस डेटाबेस में स्त्री और पुरुष दोनों की त्वचा के सैंपल हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेटाबेस में मौजूद विभिन्न प्रकार की त्वचा की हाइड्रेशन, झुर्रियां, काले धब्बे आदि के आधार पर अपने यहां आने वाले लोगों की त्वचा का मिलान करते हैं। कंपनी की इस डिजिटल ऐप और प्लेटफॉर्म पर लोग घर बैठे ही अपनी पसंद का स्टाइल और मेकअप चुन सकते हैं। कंपनी का वर्चुअल स्किन एनालाइजर हर बार यूजर की फोटो का बारीकी से विश्लेषण कर उनकी त्वचा और जेनेटिक्स के अनुसार उन्हें मेकअप चुनने में मदद करता है। त्वचा को नुकसान पहुंचाने वाले सौंदर्य उत्पादों से यूजर को दूर रखना और कोरोना संक्रमण में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लोगों के सवालों का जवाद देना ही इस प्लेटफॉर्म का मुख्य उद्देश्य है।

अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ऑग्मेंटेड रियलिटी से संवर रहा है रूप

एआइ-एआर हैं न्यू नॉर्मल
कोरोना महामारी (Covid-19) ने पंरपरागत सैलून में जाने का ट्रेंड बदल दिया है। ऐसे में ऑग्मेंटेड रियलिटी और वर्चुअल रियलिटी (Virtual Reality) खूबसूरती की दुनिया का नया 'न्यू नॉर्मल' (New Normal) बन रहा है। कंपनी के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर महिलाएं और पुरुष देश के जाने-माने त्वचा रोग विशेषज्ञों और ब्यूटी एक्सपर्ट्स से सीधे बात कर सकते हैं और अपनी समस्याओं पर सलाह ले सकते हैं। इतना ही नहीं हमारी एल्गोरिद्म आधारित मशीन लर्निंग (Machine Learning) तकनीक लोगों की त्वचा और उसकी प्रकृति के आधार पर उन्हें ऐसे सोंदर्य उत्पाद उपयोग करने की सलाह देती है जो त्वचा की सेहत के लिए अच्छे हों। कोरोना के बाद भी सोशल डिस्टेंसिंग और वायरस से बचना जरूरी होगा। ऐसे में तकनीक अब सौंदर्य और स्वास्थ्य उद्योग के लिए 'न्यू नॉर्मल' बन रही है।

अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ऑग्मेंटेड रियलिटी से संवर रहा है रूप

बॉड्डेस को आइओएस और एन्ड्रायड ऐप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। इतना ही नहीं ऐप के जरिए ऑग्मेंटेड रियलिटी और वर्चुअल रियलिटी ब्यूटी टूल्स का उपयोग करने पर प्वॉइंट्स भी मिलते हैं।



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