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कोविड-19: कहीं रोज़ इस्तेमाल होने वाले डिवाइस ही तो हमें संक्रमित नहीं कर रहे?

कोरोना वायरस नोवेल कोविड-19 (COVID-19) से दुनियाभर में इस समय 2 करोड़ लोग कोरोना से संक्रमित हैं जबकि  7.34 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी हे। लेकिन अब तक 24 बार म्यूटेशन से गुजर चुके कोरोना वायरस से पीछा छुड़ाना नामुमकिन सा होता जा रहा है। वायरस दरअसल हमारे चारों ओर मौजूद होते हैं। खासकर जिन गैजेट्स, डिवाइसेज और स्मार्ट उपकरणों को हम उपयोग कर रहे हैं वे करोड़ो-अरबों रोगाणुओं और किटाणुओं का घर होते हैं। लॉकडाउन और वर्कफ्रॉम होम के दौरान बड़े-बूढ़ों और बच्चोंसे लेकर युवाओं तक सभी की इंटरनेट, स्मार्टफोन, कम्प्यूटर-लैपटॉप, स्मार्टवॉच और ऐसे ही दूसरे स्मार्ट डिवाइसेज पर निर्भरता 100 गुणा तक बढ़ गई है। आज हम अपने स्मार्ट उपकरणों को हर जगह अपने साथ ले जाते हैं। मेट्रो के सफर से लेकर कैंटीन तक और बेडरूम से लेकर ऑफिस की टेबल तक ये उपकरण हर वक्त हमारे साथ होते हैं।

कोविड-19: कहीं रोज़ इस्तेमाल होने वाले डिवाइस ही तो हमें संक्रमित नहीं कर रहे?

युवा पीढ़ी का तो ये हाल है कि वे इसे बाथरूम में भी साथ लेकर जाते हैं। ऐसे में बाहर निकलने या ऑफिस अथवा सफर के दौरान कोरोना वायरस हमारे इन चहीते उपकरणों के साथ हमारे घर तक आ सकते हैं। टॉयलेट की सीट से भी ज्यादा रोगाणु हमारे मोबाइल की स्क्रीन पर होते हैं। तो ऐसे में हमें अपने इन चहीते उपकरणों से कितना डरना चाहिए? कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में प्रोफेसर सूक्ष्म जीव विज्ञानी जोनाथन ईसेन और डेविस का कहना है कि इस संबंध में ज्यादा चिंता करने की जरुरत नहीं है। सबवे में लगी रैलिंग या कीबोर्ड पर पाए जाने वाले रोगाणु पैथोजीन और संक्रमित जीवाणुओं को हम तक पहुंचा तो सकते हैं लेकिन ये हमें तभी बीमार कर सकते हैं जब इन्हें सही वातावरण और सही ट्रांसमिशन मिले। यानि अगर कीबोर्ड उपयोग करने वाले आप अकेले व्यक्ति हैं और आप उन्हें अपने घर या कार्यस्थल जैसी सामान्य व रोजमर्रा के वातावरण में उपयोग करते हैं तो आपके संक्रमित होने की आशंका बहुत कम है। बशर्ते आप नियमित रूप से अपने उपकरणों की साफ-सफाई करते हैं और इस्तेमाल के बाद अपने हाथ सैनिटाइज करते हों या साबुन से हाथों को कम से कम 30 सेकंड्स तक धोते हों।

कोविड-19: कहीं रोज़ इस्तेमाल होने वाले डिवाइस ही तो हमें संक्रमित नहीं कर रहे?

संक्रमण है बीमारी का कारण
इन रोगाणुओं के हमें बीमार करने की आशंका तब बढ़ जाती है जब हम लगातार इनके या इनसे संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में रहें। खाने-पीने की चीजों के जरिए ये आसानी से हमारे शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। आमतौर पर की-बोर्ड जैसे उपकरणों पर ई-कोली और सालमोनेला जैसे करोड़ों रोगाणु पाए जाते हैं।

कोविड-19: कहीं रोज़ इस्तेमाल होने वाले डिवाइस ही तो हमें संक्रमित नहीं कर रहे?

गैजेट कंपनियां भी देती हैं सलाह
अमरीकन क्लीनिंग इंस्टीट्यूट,गैजेट निर्माता ऐपल और माइक्रोसॉफ्ट भी ग्राहकों को उपकरण की साफ सफाई की सलाह देते हैं। इसमें सफाई से पहले स्विच ऑफ व चार्जर से अलग करना, ब्लीच, अमोनिया जैसे उत्पादों का इस्तेमाल न करना शामिल हैं।

कोविड-19: कहीं रोज़ इस्तेमाल होने वाले डिवाइस ही तो हमें संक्रमित नहीं कर रहे?

...लेकिन शोध नहीं मानते
हाल के शोध रोज उपयोग किए जाने वाले डिवाइस से बीमार होने के खतरे से इंकार करते हैं। उनके अनुसार इस बात के पुख्ता प्रमाण नहीं मिले कि कीबोर्ड, स्मार्टफोन या लैपटॉप बीमारी फैलाने का काम करते हैं। यहां तक कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगहों पर भी ऐसा देखने में नहीं आया। एक वैज्ञानिकों ने शोध में 7000 प्रकार के बैक्टीरिया की खोज की थी। शोध में 51 स्मार्टफोन नमूनों का उपयोग किया था। लेकिन इनमें से ज्यादातर बैक्टीरिया हमारे लिए सुरक्षित थे।



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