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इनोवेशन: इस नए टेस्ट्स से 10 मिनट में पता लग जाएगा दर्द हार्ट अटैक का है या नहीं, बच सकेगी रोगी की जान

हाल ही यूरोपियन सोसायटी ऑफ कार्डियोलॉजी (European Society for Cardiology) ने एक शोध प्रकाशित किया है। इस नए प्रारंभिक शोध का कहना है कि एक सामान्य लार परीक्षण के जरिए प्रोटीन बायोमार्कर की उपस्थिति का पता लगा अब केवल 10 मिनट में दिल के दौरे ( cardiovascular problems) का पता लगाया जा सकता है। यदि इस प्रोटोटाइप परीक्षण को मान्यता मिलती है तो यह नाटकीय रूप से कॉर्डियो वस्कुलर केसेज में मरीज की जान बचाना आसान बना सकता है। दरअसल, एक म्योकार्डिअल इनफैरक्शन (myocardial infarction) जिसे सामान्य भाषा में दिल का दौरा पडऩा कहते हैं, मरीज के रक्त प्रवाह में ट्रोपोनिन (troponin) नामक प्रोटीन का स्तर तेजी से बढ़ता है। लेकिन अधिकतर मामलोंमें अक्सर दिल के दौरे की पहचान कर पाना आसान नहीं होता। छाती में दर्द, मितली होना और थकान जैसे लक्षण जैसे सामान्य संकेत हो सकते हैं। इसलिए जब कोई मरीज इन लक्षणों के साथ किसी आपातकालीन यूनिट में पहुंचता है तो डॉक्टर जल्दी से ट्रोपोनिन के स्तर को मापने के लिए रक्त परीक्षण करते हैं। आमतौर पर इस रक्त परीक्षण में लगभग एक घंटे का समय लगता है। यह 60 मिनट दिल का दौरा या कॉर्डियोवस्कुलर प्राब्लम से जूझ रहे किसी भी व्यक्ति के लिए गोल्डन हॉवर (Golden Hour) होते हैं।

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ट्रोपोनिन का स्तर मापने की गति में तेजी
किसी भी अस्पताल में सीने में दर्द के साथ आने वाले आपातकालीन रोगियों के लिए एक सरल और तेजी से ट्रोपोनिन परीक्षण की बहुत आवश्यकता है। इजऱाइल में सोरोका यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर के लेखक रूई वेस्टरीच का कहना है कि वर्तमान में ट्रोपोनिन परीक्षण रक्त के नमूनों का उपयोग करता है। लेकिन हमने जो नया हार्ट अटैक डिटेक्शन टैस्ट विकसित किया है वह प्रारंभिक जांच में ही हमें लार का उपयोग कर यह बताने में सक्षम है कि यह दर्द हार्ट अटैक के कारण है या कोई और समस्या है। इससे रोगी की जान बचाना आसान हो जाएगा। यह शोध व्यावसायिक रूप से उपलब्ध ट्रोपोनिन रक्त परीक्षणों को लेने और लार के नमूनों में प्रोटीन का पता लगाने के लिए उन्हें अनुकूलित करने के तरीके खोजने के दौरान विकसित हुआ। लार के नमूनों में से कई सुपरफ्लस प्रोटीन को हटाने के लिए एक नोवेल प्रोसेसिंग प्रोसीजर विकसित की गई थी। लेखक रूई वेस्टरीच का कहना है कि हमने सीने में तेज दर्द की शिकायत लेकर आए रोगियों के लार के नमूनों की में रक्त के ट्रोपोनिन प्रोटीन की पुष्टि कर 32 रोगियों में हार्ट अटैक की पुष्टि की है। इसके अलावा 13 स्वस्थ लोगोंसे भी लार के नमूने लिए ताकि तुलना कर सकें।

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जांच में प्रारंभिक परिणाम सफल रहे
प्रारंभिक परिणाम शानदार थे और हार्ट अटैक के बारे में बिल्कुल सही जानकारी दी थी। हार्ट अटैक के रोगियों से मिले लार के नमूनों में ट्रोपोनिन प्राटीन 84 प्रतिशत पाया गया था। केवल छह प्रतिशत लार के नमूनों में ही ट्रोपोनिन का स्तर नहीं मिला। यह परीक्षण साबित करता है कि प्रभावी परिणामों के लिए लार के नमूनों को केंद्रित करने में यह नोवेल प्रोसेसिंग प्रोसीजर महत्वपूर्ण है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सकता है कि यह प्रक्रिया कैसे कारम करती है और यह कितनी आसान और सस्तीसाबित होगी।

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10 मिनट में लगेगा दिल के दौरे का पता
शोधकर्ताओं का कहना है कि उनकी इस नई तकनीक से केवल 10 मिनट में यह बताया जा सकेगा कि उक्त व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ा है या नहीं। लगेंगे। यह तकनीक उन लोगों के लिए बहुत उपयोगी और जीवन रक्षक साबित हो सकती है जो पहले से ही हृदय संबंधी रोगोंसे घिरे हुए हैं या जिनकी उम्र ज्यादा है और वे दिल के दौरे पडऩे के दायरे में आते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह परीक्षण अंतत: किसी गर्भावस्था परीक्षण के समान काम करेगा जो मिनटों में निगेटिव या पॉजिटिव रिजल्ट देगा।

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वेस्ट्रिच कहते हैं कि रोगियों की लार में कार्डियक ट्रोपोनिन की उपस्थिति दिल का दौरा पडऩे के बाद कितनी देर तक रहता है, यह निर्धारित करने के लिए अभी और शोध करने की आवश्यकता है। इसके अलावा, हमें यह भी जानने की जरूरत है कि दिल के दौरे से कितने मरीजों का गलत निदान होगा और कितने मामलों में चूक होने की आशंका होती है। यह नए शोध हाल ही यूरोपीय सोसायटी फॉर कार्डियोलॉजी एनुअल 2020 कांग्रेस में प्रस्तुत किया गया था।



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