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अगर बने रहना चाहते हैं जवां तो आज ही छोड़ दें खाने की ये चीज़ें (PART 02 )

हमारी त्वचा की उम्र बढऩे की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए धूप और उन्नत ग्लाइकेशन एंड प्रोडक्ट्स (एडवांस्ड ग्लाइकेशन एंड प्रोडक्ट्स या एजीई) उत्तरदायी होते हैं। जब हमारे शरीर में मौजूद प्रोटीन या फैट, शुगर के साथ घुल-मिल जाते हैं तब एजीई का निर्माण होता है। हालांकि उम्र बढऩे के लिण् जिम्मेदार इन दोनों ही कारणों को 100 फीसदी नियंत्रित नहीं किय जा सकता लेकिन सनस्क्रीन का उपयोग और आहार संबंधी आदतों में सुधार लाकर हम शरीर के बूढ़े होने की प्रक्रिया को धीमा जरूर कर सकते हैं। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि कुछ खाद्य पदार्थ हमारी त्वचा को प्रभावित करते हैं जिससे उनके झुर्रियों में बदलने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। सभी पर एक जैसा डाइट प्लान काम नहीं करता। आइए जानते हैं कुछ ऐसे खाद्य पदार्थां के बारे में जो हमें जल्दी बूढ़ा करने के लिए जिम्मेदार हैं।

01. डेयरी उत्पाद: (Dairy Products)- बहुत से शोधों में शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों ने परीक्षण के दौरान डेयरी उत्पाद खाने छोड़ दिए उनकी त्वचा में सकारात्मक परिवर्तन आए। जबकि उनकी तुलना में दूसरे प्रतिभागियों की त्वचा में कोई महत्वपूर्ण अंतर नहीं आए। यह सब व्यक्ति पर निर्भर करता है। जैसे कुछ लोगों में डेयरी उत्पाद शरीर में सूजन (Inflammation) बढ़ा सकती है, जिससे ऑक्सीडेटिव तनाव होता है। ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस प्रीमेच्योर एजिंग के मुख्य कारणों में से एक है। ऐसे डेयरी उत्पादों का कम इस्तेमाल हमें सूरज के संपर्कमें आने पर त्वचा की झुर्रियों से बचा सकते हैं। डेयरी से मिलने वाले कैल्शियम के अन्य स्रोत के लिए बींस, सेम, बादाम, पत्तेदार साग और अंजीर खाएं।

02. सोडा और कॉफी: (Soda & COFFEE)- इन्हें पीने से पहले दो बार सोचें। दोनों में कैफीन की मात्रा बहुत ज्यादा होती है जो हमारी नींद में खलल डालने का काम करते हैं। इनके ज्यादा पीने से हमारी नींद का पैटर्न गड़बड़ा जाता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि खराब नींद हमारी त्वचा की उम्र के लिए सबसे खराब स्थिति है। आंखों के नीचे काले घेरे, मुरझाई त्वचा और झुर्रियों के कारण हम वक्त से पहले बूढ़े दिखाई देने लगते हैं। त्वचा महीन लकीरोंसे भर जाती है जो गहरी होकर झुर्रियों में बदल जाती हैं। इससे बचने का सीधासा उपाय है कि हम कैफीन और शुगर की मात्रा पर नियंत्रण रखें। सोडा-कॉफी के अन्य विकल्पों पर ध्यान लगाएं जैसे हल्दी मिला दूध। हल्दी का मुख्य घटक एंटीऑक्सिडेंट होता है जो एंटी-एजिंग कम्पाउंड्स के सबसे शक्तिशाली ट्रस्टेड सोर्स में से एक है।

03. शराब का सेवन: (Use of Alchohal)- अल्कोहल से कोलेजन पर प्रभाव पड़ता है जो अंतत: झुर्रियों का कारण बनता है। दरअसल अल्कोहल शरीर के पोषक तत्वों, हाइड्रेशन प्रक्रिया और विटामिन ए के स्तर को कम करता है, जिसका सीधा असर झुर्रियों पर पड़ता है। विटामिन ए विशेष रूप से शरीर में मृत सेल्स को रिप्लेस कर नई कोशिकाएं बनाने और कोलेजन के उत्पादन के संबंध में महत्वपूर्ण है। इसके कारण ही हमारी त्वचा चिकनी, चमकदार और लचीली होती है। अगर पीना भी है तो मॉडरेट करते हुए पीना सही है। विशेषज्ञों के अनुसार महिलाओं के लिए प्रति दिन एक और पुरुषों के लिए दो टोस्ट काफी हैं। इसके साथ यह भी सुनिश्चित करें कि आपने पानी अच्छी तरह से पिया है। कुछ मजेदार और रचनात्मक मॉकटेल व्यंजनों के साथ प्रयोग करें।

04. तेज आंच पर पकाना: (Avoid cooking in high heat)- कुछ पॉली-अनसेचुरेटेड तेलों में ओमेगा-6 फैटी एसिड की उच्च मात्रा होती है जैसे मकई या सूरजमुखी का तेल जो हानिकारक फ्री रैडिकल्स बनाते हैं। यह शरीर में सूजन (इनफ्लेमेशन) के स्तर को बढ़ा सकता है। अगर आप इनमें खानो की चीजें बहुत तेज आंच या अत्यधिक टेम्प्रेचर पर बनाते हैं तो ये शरीर पर खतरनाक असर डालते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सभी तेल खाने योग्य नहीं हैं। आप त्वचा को हाइड्रेटेड रखने के लिए मोनो-अनसैचुरेटेड वसा का चयन कर सकते हैं। वेजिटेबल ऑयल की जगह जैतून का तेल उपयोग करें। यह एंटीऑक्सिडेंट, विटामिन ई, और फाइटोस्टेरॉल में समृद्ध होते हैं जो इनफ्लेमेशन को कम करता है।

05. चावल उत्पद को कहें न: (Switch out rice cakes)- चावल से बने विभिन्न उत्पाद जैसे राइस केक आदि को आमतौर पर एक अच्छे स्नैक के रूप में देखा जाता है लेकिन जब बात त्वचा की हो तो ऐसा बिल्कुल नहीं है। राइस केक में एक उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्सट्रस्ट स्रोत होता है जो खून में शुगर के स्तर को बढ़ा सकता है। बढ़ा हुआ ब्लड शुगर लेवल एक 'एजिंग एक्सीलेटर ट्रस्ट सोर्स' के रूप में कार्य करता है जो झुर्रियों का कारण बन सकता है। इसकी जगह छोले,राजमा, चना और चीकू का उपयोग कर सकते हैं जो एंटीऑक्सीडेंट तत्वों से भरपूर हैं।

त्वचा को यूं बनाएं कोमल और जवां
ऊपर बताए गई जानकारी का मतलब यह कतई नहीं है कि आपइनका सेवन बिल्कुल ही बंद कर दें। भोजन एक सतत प्रक्रिया है जो आखिरी सांस तक जुड़ी हुई है। इसलिए इन खाद्य पदार्थों के इतर भी त्वचा को चमकदार बनाने और एजिंग प्रोसेस को धीमा करने के और भी तरीके मौजूद हैं। रेटिनॉल, विटामिन सी, माइक्रोनेडलिंग और फेस एसिड जैसे सामयिक उपचार झुर्रियों को रोकने और चिकना करने में मदद कर सकते हैं। अधिक विकल्पों के लिए चेहरे के एक्यूपंक्चर या चेहरे के व्यायाम को भी चुन सकते हैं।



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