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अच्छी नींद नहीं आती, तो कमरे में करें ये बदलाव

जिंदगी सुकून से बिताने के लिए हम रात-दिन मेहनत करते हैं। काम के अत्यधिक बोझ के चलते नींद भी पूरी नहीं हो पाती। शोधकर्ताओं ने मस्तिष्क अनुसंधान कर यह साबित किया है कि नींद स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। ऐसे में अब रात की अच्छी नींद पहले की तुलना में कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है। लेकिन अक्सर लोगों की शिकायत होती है कि वे ठीक से नहीं पाते। एक अच्छी नींद के लिए जरूरी सभी सुविधाओं के बावजूद हमें ठीक से नींद क्यों नहीं आती? क्या इसके लिए हमारे गैजेट जिम्मेदार हैं यश हमारी जीवनशैली और खान-पान? या कोई कारण है जो अभी तक सामने नहीं आया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि शयनकक्ष में केवल मन को शांति देने वाली रोशनी या नर्म बिस्तर और एसी ही काफी नहीं है। बल्कि सोने के लिए बेहतर माहौल का होना भी जरूरी है जहां तनाव न हो और पर्याप्त नींद लेने के लिए अनुकूल परिस्थितियां हों। आइए जानते हैं कि विशेषज्ञों का क्या कहना है:

अच्छी नींद नहीं आती, तो कमरे में करें ये बदलाव
  1. कमरे की दीवारें हों ध्वनिरोधक
    सुकून भरी पर्याप्त नींद में शोर सबसे बड़ी बाधा है। ब्रूकलिन के वास्तुकार और डिजायनर एडम मेशबर्ग शयनकक्ष की दीवारों को ध्वनिरोधक बनाने की सलाह देते हैं। कमरे की मुख्य दीवार के सामने एक अतिरिक्त पतली दीवार बनाकर, क्वाटरॉक चादर की परत लगाकर या दीवारों के भीतर आई दरार या खाली जगह को भरकर इसे आसानी से बनाया जा सकता है। वॉलकवरिंग भी काफी हद तक ध्वनि को अवशोषित कर लेती हैं। वहीं कमरे की खिड़कियों में दरारें और खाली जगह भी इसकी एक मुख्य वजह है। इसके लिए खिड़की के पीछे एक पतली खिड़की लगाकर गली के शोर को ९५ फीसदी तक कम किया जा सकता है। एक अन्य डिजायनर एड्रियाना होयोस का कहना है कि एक मिलीमीटर मोटे कपड़े, मखमल, चमड़े या इससे बने कपड़े भी कमरे में आने वाले अतिरिक्त शोर को अवशोषित कर लेते हैं। साथ ही ये काफी स्टाइलिश भी दिखाई देते हैं।
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2. कमरे में रोशनी से बचें
सोने के लिए जरूरी है कि कमरे में बहुत तेज रोशनी न हो। स्लीप मेडिसिन विशेषज्ञ पाब्लो कैस्टिलो कहते हें कि सोते समय हमें विशेष रूप से एलईडी बल्ब और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से निकलने वाली नीली रोशनी के संपर्क में आने से बचना चाहिए। पाब्लो कहते हें कि हमारा शरीर और दिमाग मोबाइल, एलईडी और ऐसे ही अन्य गैजेट्स से निकलने वाली नीली रोशनी के प्रति संवेदनशील होता है और तुरंत प्रक्रिया करता है। इसके कारण हमारे दिमाग को यह संदेश मिलता है कि उसे जागे रहना है जबकि शरीर सोना चाहता है। ऐसे में इस नीली रोशनी के प्रभाव में आकर हमारी पीनियल ग्रंथि नींद के लिए जिम्मेदार हार्मोन मेलाटोनिन का उत्पादन बंद कर देती है। नतीजतन हमारी नींद की गुणवत्ता खराब हो जाएगी। इसलिए सोने से कम से कम तीन घंटे पहले तेजी रोशनी से दूर रहना चाहिए। स्क्रीन टाइम को जितना हो सके कम कर दें और रात को सोने से एक या दो घंटे पहले डिवाइस को दूर रख दें। इसके अलावा स्मार्टफोन की स्क्रीन पर नीली लाइट को ब्लॉक करने वाली कोटिंग का प्रयोग करें। डिजायनर ग्रेग रोथ का कहना है कि शयनकक्ष को प्रकाशरहित रखने के लिए 'ब्लैकआउट विंडो ट्रीटमेंट भी करवा सकते हैं।

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03. दिनचर्या को नियमित रखें
जॉन्स हॉपकिंस विश्वविद्यालय (John Hopkins University) के मेडिसिन विभाग के निद्रा रोग विशेषज्ञ (Sleep Specialist) और न्यूरोलॉजी प्रोफेसर राचेल सालास कहते हैं कि यह गलत अवधारणा है कि हर किसी को आठ घंटे की नींद की ज़रूरत होती है। सर्कैडियन रिद्म (वह आंतरिक एवं प्राकृतिक प्रक्रिया जो नींद से जगाने के चक्र को नियंत्रित करती है) खलल से बचाने के लिए अपने नियमित शेड्यूल को एक समान बनाए रखें। मेशबर्ग कहते हैं कि शयनकक्ष में रोशनी कम होनी चाहिए। क्योंकि ऐसा न होने पर वे मस्तिष्क को जगाए रखने का कारण बनती हैं। वहीं ज्यादा सफर करने वाले या रात में काम करने वाले लोगों को कमरे में ऐसे उपकरण उपयोग करने चाहिए जो प्राकृतिक प्रकाश चक्रों की नकल करती हैं। इस तरह के उपकरण कृत्रिम रूप से सोने के लिए आदर्श माहौल बनाते हैं। इतना ही नहीं कुछ परिष्कृत एलईडी उपकरण समय के साथ स्वचालित रंग और रंग बदलने की सुविधा से भी लैस होते हैं।

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04. बिस्तर पर ध्यान लगाएं
इसमें कोई शक नहीं कि अच्छी नींद के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारक बिस्तर है। इसीलिए सही गद्दे, चादर और तकिए का चयन अच्छी नींद लेने में मददगार हो सकते हैं। ऑग्रेनिक कॉटन वाली चादरों में से हवा आसानी से गुजर जाती है। वे बहुत ज्यादा चमकदार या आंखों में चुभती भी नहीं हैं। शरीर का तापमान नियंत्रित रखने के लिए अच्छी क्वालिटी के गद्दों या बिस्तर का होना भी बेहद जरूरी है। सर्दी और गर्मी के हिसाब से बिस्तर का चुनाव करें। तकिया भी अच्छे कपड़े का हो। ऐसा तकिया लेना चाहिए जिसे आसानी से धोया जा सके।

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05. बहुत हाइटेक होने से बचें
होम डिजायनर विशेषज्ञ मेरिडिथ बेयर का कहना है कि शयनकक्ष सोने के लिए होते हैं इसलिए जितना हो सके इसे सरल बनाएं। बहुत ज्यादा हाइफाई या हाइटेक बनाने से बचें। क्योंकि सोने के बाद इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप हवेली में सोते हैं या साधारण से फ्लैट में। नींद के लिए सबसे अच्छा शयनकक्ष वह है जो आपको गले लगाए और सुरक्षित महसूस कराए बिल्कुल किसी कोकून की तरह। इसलिए शयनकक्ष को अपने बजट के अनुरूप केवल जरुरत की चीजों से ही सजाएं। सजावट के लिए उपयोग की जाने वाली चीजों को हल्का और सरल रखें। रंग व्हाइट लिली की तरह हल्के हों क्योंकि वे गर्म होते हैं। फर्श लकड़ी का हो तो बेहतर है। सबसे बेहतर रंग आकाश जैसा नीला होता है। यह रंग निर्भरता की भावना के साथ सकारात्मकता भी लाता है जो सोने में मदद करते हैं। छत को पेंट करके इसे आकाश जैसा बना सकते हैं।



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