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गर्मी ही नहीं, ये भी हैं नकसीर के कारण

गर्मी के दिनों में नकसीर की समस्या बढ़ जाती है। इसमें नाक से खून आने लगता है। गर्मी में सूखी हवाओं के कारण नाक के अंदर रूखापन होने से यह समस्या बढ़ जाती है। जिन्हें बार-बार यह समस्या होती है उनको इलाज कराने की जरूरत है। इसके कई और भी कारण हैं।
दो प्रकार के नकसीर
एंटीरियर (लोअर) नोज ब्लीड
इसमें नाक की अंदर वाली परत यानी खून की नलियां फट जाती हैं। यह जल्दी ही ठीक हो जाता हैं। इसमें बहुत कम इलाज की जरूरत पड़ती है।
पोस्टीरियर नोज ब्लीड
यह गंभीर बीमारी, ट्यूमर या दूसरे कारणों से होता है। इसमें खून बहना बहुत मुश्किल से रुकता है। खून मुंह से सांस नली में जाकर रुकावट पैदा करता है।
कारण
जो लोग खून पतला करने की दवा ले रहे हैं उन्हें मानसिक आघात होने से, सांस नली में संक्रमण, नाक में नुकीली चीज चूभनेे, लगातार छींकने, अधिक मात्रा में अल्कोहल पीने, नेजल स्प्रे का इस्तेमाल, नाक से कोई नशा करना, नाक में फंसी किसी चीज को झटके से निकालने, खून में खराबी, नाक में ट्यूमर, हाई बीपी आदि भी कारण हो सकता है। कई बार नाक की हड्डी टेढ़ी होने से भी नकसीर आता है।
ब्लीडिंग हो तो यह करें
आगे की ओर झुक जाएं। हाथ से नाक को करीब ५ मिनट तक दबाए रखें। ध्यान रखें कि सिर ऊंचा हो, ताकि खून वापस नाक में न जाए। अगर संभव हो तो सिर पर ठंडा पानी गिरवाएं। जिन्हें यह समस्या रहती है वे दिन में तीन बार बर्फ से सेंक करें। ऐसे समय में न तो लेटे और न ही नाक को रगड़ें। 10-15 मिनट में ब्लीडिंग बंद नहीं हो रही है तो डॉक्टर को दिखाएं।
इलाज
खून रोकने की दवा आती है। स्थाई इलाज के लिए कारणों का पता कर उसको ठीक किया जाता है। खून में खराबी है तो वह भी ठीक हो जाता है।
-डॉ. तरुण ओझा, सीनियर र्ईएनटी सर्जन



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