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जानिए महिलाओं में होने वाली प्रीमेच्योर ओवेरियन फेल्योर (पीओएफ) की समस्या के बारे में

प्रीमेच्योर ओवेरियन फेल्योर (पीओएफ) क्या है?

पीओएफ यानी 40 की उम्र से पहले ओवरीज का सामान्य रूप से काम न करना। कह सकते हैं कि ओवरीज में सामान्य रूप से एस्ट्रोजन हार्मोन का निर्माण न होना या नियमित रूप से अंडे का रिलीज न होना। इससे निसंतानता या बच्चा न होना आम समस्या है।

इसके लक्षणों को कैसे पहचानें?
अनियमित माहवारी, बहुत ज्यादा गर्मी व पसीना आने की शिकायत है तो जल्द से जल्द किसी एक्सपर्ट से जांच करवानी चाहिए। ब्लड टैस्ट में यदि फॉलिकल स्टिम्युलेटिंग हार्मोन 25 प्रतिशत से ज्यादा पाया जाता है तो पीओएफ की आशंका हो सकती है।

इस समस्या के क्या कारण हो सकते हैं?
पिछले कुछ समय से महिलाओं में उम्र से पहले ओवरीज फेल होने के मामले बढ़े हैं। हालांकि ये समस्या आनुवांशिक है लेकिन पर्यावरण व जीवनशैली जैसे कि धूम्रपान, शराब पीने की लत, लंबी बीमारी जैसे थायरॉइड व ऑटोइम्यून रोग, रेडियोथैरेपी या कीमोथैरेपी होना भी मुख्य कारण हैं। इसके अलावा जेनिटल टीबी भी उम्र से पहले ओवरीज फेल होने की वजह हो सकती है।

कम उम्र में यह बीमारी क्यों होती है?
बदलता पर्यावरण और जीवनशैली के कारण शरीर में कई बदलाव समय के अनुसार नहीं हो पाते और गर्भधारण में भी कई पहलू महत्त्वपूर्ण होते हैं। इसलिए उम्र से पहले ओवरीज फेल होने के कई मामले देखने को मिलते हैं। इस तरह की समस्या से बचाव के लिए बेहतर है समय पर परिवार बढ़ाने के बारे में सोचना।

बीमारी से बचाव के लिए क्या करना चाहिए?
कई नई तकनीकों के जरिए इसका इलाज संभव है। पीओएफ वैसे तो आनुवांशिक है लेकिन महिलाओं को जीवनशैली नियंत्रित करने की जरूरत है। मेनोपॉज से गुजर रही महिलाओं के लक्षण उम्र से पहले ओवरीज फेल होने वाली महिलाओं के जैसे होते हैं।



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