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11 खाद्य पदार्थ जो हमारे शरीर की उम्र बढऩे की प्रक्रिया को और तेज करते हैं (PART-01)

हमारी त्वचा की उम्र बढऩे की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए धूप और उन्नत ग्लाइकेशन एंड प्रोडक्ट्स (advanced glycation end products (AGEs) उत्तरदायी होते हैं। जब हमारे शरीर में मौजूद प्रोटीन या फैट (fat), शुगर (sugar) के साथ घुल-मिल जाते हैं तब एजीई का निर्माण होता है। हालांकि उम्र बढऩे के लिए जिम्मेदार इन दोनों ही कारणों को 100 फीसदी नियंत्रित नहीं किय जा सकता लेकिन सनस्क्रीन (sunscreen) का उपयोग और आहार संबंधी आदतों में सुधार लाकर हम शरीर के बूढ़े होने की प्रक्रिया को धीमा जरूर कर सकते हैं। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि कुछ खाद्य पदार्थ हमारी त्वचा को प्रभावित करते हैं जिससे उनके झुर्रियों (rinkles) में बदलने की प्रक्रिया तेज हो जाती है।लेकिन ध्यान रखें की हर व्यक्ति के शरीर की खाद्य संबंधी जरुरतें अलग हैं। सभी पर एक जैसा डाइट प्लान काम नहीं करता। इसलिए लगातार कच्चा, साफ किया हुआ या भरपेट खाने से शरीर पर इसका बुरा असर भी पड़ सकता है आइए जानते हैं कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों के बारे में जो हमें जल्दी बूढ़ा करने के लिए जिम्मेदार हैं।

01. फ्रेंच फ्राइज: (French Fries)- फ्रैंच फ्राइज एडवांस्ड ग्लाइकेशन एंड प्रोडक्ट्स होने के कारण हमारी उम्र बढऩे की प्रक्रिया को तेज कर देते हैं, क्योंकि वे तले हुए और नमकीन दोनों होते हैं। दरअसल उच्च तापमान पर तेल में तले हुए खाद्य पदार्थ फ्री रैडिकल्स छोड़ते हैंं जो त्वचा को सेलुलर क्षति पहुंचा सकते हैं। इन फ्री रैडिकल्स के संपर्क में आने से क्रॉस-लिंकिंग नामक क्रिया के कारण उम्र बढऩे की प्रक्रिया तेज हो जाती है। क्रॉस-लिंकिंग दरअसल हमारे शरीर के डीएनए में मौजूद अणुओं को प्रभावित करता है जिससे त्वचा का लचीलापन खत्म होने लगता है। फ्रेंच फ्राइज के साथ हम बहुत मात्रा में एडेड सॉल्ट खा जाते हैं जो हमारी त्वचा में मौजूद नमी को नष्ट कर सकता है। इससे त्वचा पर झुर्रियां उभरने लगती हैं जो बढ़ती उम्र की पहचान है। फ्रेंज फ्राइज की जगह शकरकंद (स्वीट पोटैटो फ्राइज) का इस्तेमाल करें क्योंकि यह एंटी-एजिंग होती हैं और कॉपरट्रेड का अच्छा स्रोत होती है। इससे त्वचा चमकदार और युवा बनी रहती है।

02. सफेद ब्रेड: (White Bread)- जब रिफाइंड काब्र्स प्रोटीन के साथ मिश्रित हो जाते हैं तो ये शरीर में एजीई प्रक्रिया को तेज कर देते हैं। उम्र बढ़ाने की प्रक्रिया के साथ ही एजीई का क्रॉनिक डिजीज पर भी सीधा प्रभाव पड़ता है। सफेद ब्रेड ऐसा ही एक उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला खाद्य पदार्थ है। यह शरीर में सूजन पैदा कर सकते हैं जो उम्र बढऩे की प्रक्रिया से सीधे जुड़ा हुआ है। यदि आप इसका विकल्प चाहते हैं तो विशेषज्ञ इसे अंकुरित अनाज से बने ब्रेड काउपयोग करें जिसमें कोई aded शुगर भी नहीं होती। यह अंकुरित ब्रेड एंटीऑक्सिडेंट भी होते हैं। इनमें मौजूद पोषक तत्व त्वचा के लिए फायदेमंद होते हैं।

03. सफेद चीनी: (White Sugar)- चीनी कील-मुंहासों का कारण भी है। चीनी त्वचा के लिए हानिकारक एजीई के निर्माण में योगदान देती है। जब हमारे शरीर में शुगर की मात्रा ज्यादा हो जाती है तो यह एजीई प्रक्रिया के स्रोत को तेज कर देती है। ऐसे में अगर हम ज्यादा समय धूप में बिता रहे हों तो यह प्रक्रिया और भी तेज गति से होती है। इसलिए खाने में सफेद चीनी की बजाय फलों में मौजूद प्राकृतिक शुगर या शहद का उपयोग करें। जब मीठा खाने का बहुत मन करे तो ब्लू बैरीज और डार्क चॉकलेट भी अच्छे विकल्प हैं। ब्लूबेरी विशेष रूप से कोलेजन के नुकसान को रोकती है।

04. नमकीन मक्खन: (Yellow Butter)- पूर्व के अध्ययनों से पता चला है कि जो लोग नमकीन मक्खन का सेवन नहीं करते हैं, उनमें त्वचा की क्षति और झुर्रियों की समस्या कम होती हैं। वैज्ञानिक कहते हैं कि पीले रंग का यह नमकीन मक्खन जिसे हम बटर कहते हैं वह खालिस मक्खन की आधी मात्रा से भी बदतर है क्योंकि यह आंशिक रूप से हाइड्रोजनीकृत तेलों से बनाया जाता है। ये ट्रांस फैटी एसिड त्वचा को पराबैंगनी विकिरण के प्रति अधिक संवेदनशील बनाते हैं, जो त्वचा के कोलेजन और लचीलेपन को नुकसान पहुंचाते हैं। इसके विकल्प के रूप में जैतून या एवोकाडो का उपयोग करें जो एंटी-एजिंग एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होते हैं।

05. प्रोसेस्ड मीट: (Processed Meet)- हॉट डॉग, पेपरोनी, बेकन, सॉसेज और चिकन बर्गर जैसे उत्पाद प्रोसेस्ड मीट के उदाहरण हैं जो त्वचा के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इनमें मांस नमक (सोडियम), सैचुरेटेड फैट और सल्फाइट की उच्च मात्रा होती है जो त्वचा को डिहाइड्रेड कर सकते हैं। इन्हें खाने से शरीर में सूजन आती है जो हमारी एंटी-एजिंग प्रक्रिया (कोलेजन) को कमजोर कर सकते हैं। सस्ते प्रोटीन विकल्पों के लिए अंडे या बीन्स का उपयोग करें। टर्की और चिकन जैसे लीनर मीट के विकल्प भी चुन सकते हैं। ये मीट प्रोटीन और अमीनो एसिड से भरे होते हैं जो कोलेजन के प्राकृतिक निर्माण में आवश्यक होते हैं।



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